मंगोलिया जाने वाले देश के पहले रक्षामंत्री होंगे राजनाथ सिंह

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China-Taiwan Crisis: चीन-ताइवान विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) सोमवार को मंगोलिया (Mongolia) और जापान (Japan) के बेहद ही अहम दौरे (5-8 सितंबर) पर जा रहे हैं. मंगोलिया का जहां चीन से एक लंबे समय तक सीमा विवाद रहा था वहीं चीन और जापान के बीच भी संबंध बेहद अच्छे नहीं हैं. रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि पूर्वी एशियाई देशों से सामरिक-साझेदारी बढ़ाने की दिशा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आधिकारिक यात्रा पर मंगोलिया जा रहे हैं (5-7 सितंबर). भारत के किसी रक्षा मंत्री की ये पहली मंगोलिया यात्रा है और इस दौरे से दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग मजबूत होगा.  

मंगोलिया के दौरे के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने समकक्ष, लेफ्टिनेंट जनरल साइखानबयार से मुलाकात करेंगे. वे मंगोलिया के राष्ट्रपति यू खुरेलसुख और मंगोलियाई संसद (स्टेट ग्रेट खुरल) के चैयरमैन, जी ज़ंदनशहतक से भी मुलाकात करेंगे. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दोनों लोकतांत्रिक देश (भारत और मंगोलिया) पूरे क्षेत्र में शांति और खुशहाली चाहते हैं. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारत और मंगोलिया एक स्टेट्रेजिक पार्टनरशिप साझा करते हैं जिसमें रक्षा-क्षेत्र एक अहम स्तंभ है. दोनों देशों के रक्षा मंत्री मुलाकात के दौरान रक्षा सहयोग बढ़ाने पर तो बातचीत करेंगे ही क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों पर भी चर्चा करेंगे.

पिछले कुछ सालों से करीब आए भारत और मंगोलिया
बता दें कि पिछले कुछ सालों में भारत और मंगोलिया एक दूसरे के काफी करीब आए हैं. दोनों देशों की सेनाएं साझा युद्धाभ्यास करती हैं और दोनों देशों के बीच एक ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप भी है ताकि समय समय पर दोनों देशों के बीच संपर्क बना रहे. गौरतलब है कि भारत की तरह ही मंगोलिया का एक लंबे समय तक चीन के साथ सीमा-विवाद रहा था. हालांकि, अब दोनों देशों के बीच सीमा-विवाद लगभग खत्म हो चुका है. इतिहास की बात करें तो चीन ने ग्रेट वॉल ऑफ चायना का निमार्ण मंगोलिया के आक्रमण रोकने के इरादे से ही किया था.

एस जयशंकर के साथ टू-प्लस-टू मीटिंग में लेंगे हिस्सा
जानकारी के मुताबिक, मंगोलिया के दौरे के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जापान के दौरे पर भी जाएंगे (7-8 सितबंर). जापान में भारत के विदेश मंत्री एस जयंशकर के साथ राजनाथ सिंह टू-प्लस-टू मीटिंग में हिस्सा लेंगे. यानि भारत और जापान के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री मिलकर एक सम्मलेन में हिस्सा लेंगे. चीन के ताइवान से चल रहे विवाद के बीच भारत के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री का जापान दौरे बेहद मायने रखता है. क्योंकि ताइवान को लेकर चीन और जापान में तनातनी चल रही हैं.

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