भूकंप से थर्रा रहा था चीन, अधिकारियों ने नागरिकों को घरों से निकलने की नहीं दी इजाजत

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China Earthquake News: चीन (China) के सिचुआन प्रांत (Sichuan Province) में सोमवार को 6.8 तीव्रता का भूकंप (Earthquake) आया जिसमें कम से कम 65 लोगों की मौत हो गई. चीन में 2017 के बाद से इस क्षेत्र में आया सबसे मजबूत भूकंप था. जिसने भूकंप के केंद्र लुडिंग शहर से 226 किमी दक्षिण पश्चिम में चेंगदू इलाके तक को हिला कर रखा दिया. भूकंप के दौरान चीन की सरकार (Chinese government) की क्रूरता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. 

भूकंप के बाद सामने आए वीडियो में चीनी सरकार की क्रूरता साफ तौर पर देखी जा सकती है. जिस समय चीन में 6.6 तीव्रता के भूकंप के कारण इमारतें हिल रही थी. सरकार ने लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी. जिसके कारण कई लोगों की मौत हो गई. 

लोगों को बिल्डिंग के गेट पर रोका गया

भूकंप से समय लोगों की बेबसी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. ऐसे ही एक वीडियों में लाउड स्पीकर के जरिए लोगों को संदेश दिया जा रहा है कि सभी लोग अपने-अपने घरों में लौट जाए यहां भीड़ ना लगाए, यह केवल एक भूकंप है. हमें यहां सिचुआन प्रांत में भूकंप को लेकर कफी अनुभव है. एक अन्य व्यक्ति ने बीबीसी को बताया कि जिस समय भूकंप आया वह अपनी 30 मंजिला इमारत से निकलकर बाहर की ओर भागा लेकिन उसे बिल्डिंग के गेट पर रोक लिया गया. 

जब उसे महसूस हुआ कि वह फंस गया है तो उसने गेट पर लोगों के साथ इसके खिलाफ शिकायत की. उस व्यक्ति ने चिल्लाते हुए सरकार से पूछा लॉकडाउन और भूकंप में से कौन ज्यादा महत्वपूर्ण है? उन्होंने कहा कि उनके पड़ोसी ने जवाब देते हुए कहा कि अपनी भावनाओं को कंट्रोल में रखें और यहां पर राजनीति की बात ना करें. जिसके बाद इस विषय को लेकर दोनों के बीच बहुत देर तक बहस होती रही. अंत में दूसरे व्यक्ति ने उस पर हमला कर दिया. 

चीनी सरकार के कोविड प्रतिबंद्धों पर उठाए सवाल

एक व्यक्ति ने इस घटना के संबंध में एक वकील का हवाला देते हुए कहा जिसमें उसने कहा कि नागरिकों को संविधान के अनुसार अपनी सुरक्षा के लिए कहीं भी जाने की आजादी है. चीनी नागरिक ने सरकार पर तंज सकते हुए कहा कि इस प्रकार के सवालों पर बहस करना किसी मजाक से कम नहीं है. बता दें कि इस पोस्ट पर मंगलवार तक 3.7 मिलियन व्यू आ चुके हैं. एक अन्य नागरिक ने सरकार के कोविड प्रतिबंद्धों पर तंज कसते हुए कहा कि अच्छा होगा कि वह बिल्डिंग के अंदर ही मर जाए, कम से कम इससे वह कोरोना संक्रमित होने से तो बच जाएगा.  

चीन की कोविड पॉलिसी

बता दें कि चीन में कोरोना वायरस के चलते बीते डेढ़ सालों से अलग-अलग हिस्सों में सख्त लॉकडाउन लगाया जा रहा है. चीन की कोविड पॉलिसी के मुताबिक, किसी भी शहर में कोरोना का एक भी मरीज मिलने पर उस शहर में कम से कम 21 दिनों तक सख्त लॉकडाउन लगा दिया जाता है. इन दौरान अगर कोरोना का कोई भी नया मरीज सामने आता है तो लॉकडाउन को फिर से 21 दिन के लिए आगे बढ़ा दिया जाता है. लॉकडाउन के दौरान लोगों को घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं होती है. चीन की सरकार पर आरोप है कि सोमवार को आए तेज भूकंप के झटकों के बावजूद लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया. 

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