दिल्ली में बढ़े महिलाओं, बच्चों और सीनियर सिटीजन के खिलाफ अपराध के मामले, पढ़ें आंकड़े

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NCRB Latest Data: एनसीआरबी ने साल 2021 में देश में हुए क्राइम का आंकड़ा जारी कर दिया है. आंकड़ों के मुताबिक देश में साल 2021 में हुएआत्महत्या, रोड एक्सीडेंट और हिनीयस क्राइम के मामले बढ़े हैं. आंकड़े बताते हैं कि साल पिछले साल देश में 1 लाख 64 हजार 33 लोगों ने आत्महत्या की थी, जबकि 2020 में ये आंकड़ा 1 लाख 53 हजार 52 था.

आत्महत्या के मामले एक बार फिर महाराष्ट्र (Maharashtra) सबसे आगे है. देश में साल 2020 में हुई आत्महत्या के आंकड़े को साल 2021 से मिलाएं तो पता चलता है कि महाराष्ट्र में आत्महत्या (Suicide) के मामले बढ़े हैं. साल 2020 में आत्महत्य के मामले 13 प्रतिशत थे, जो साल 2021 में बढ़कर 13.5 प्रतिशत हो गए हैं.

आंकड़ों के मुताबिक, आत्महत्या के कुल मामलों में किसानों की आत्महत्या का प्रतिशत 6.6% है. जबकि छात्रों का प्रतिशत 8 और घरेलू महिलाओं का 14.1 परसेंट है. एनसीआरबी के मुताबिक सड़क हादसों की संख्या भी साल 2021 में 2020 के मुकाबले बढ़ी है.

सड़क हादसों में हुआ इजाफा

इस साल देश भर में 4,03,116 सड़क हादसे हुए तो साल 2020 में ये संख्या 3,54,796 थी. इन हादसों में मरने वालों की संख्या भी बढ़ी है. साल 2021 में 1 लाख 55 हजार 622 लोगों ने जान गंवाई तो साल 2020 में 1 लाख 33 हजार 201 लोगों की मौत हुई थी.

इन सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार में गाड़ी चलाना था. दूसरे नंबर पर इसकी वजह थी शराब पीकर गाड़ी चलाना. आंकड़ों के मुताबिक ओवर स्पीडिंग की वजह से 55.9% हादसे हुए. वही 1.9% हादसों की वजह शराब पीकर गाड़ी चलाना थी.

राजधानी में भी बढ़ा क्राइम

एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि देश की राजधानी दिल्ली (Dellhi) में भी क्राइम ग्राफ बढ़ा. दिल्ली में 2021 में कुल 2 लाख 89 हजार 45 मामले दर्ज किए गए. वहीं साल 2020 में ये आंकड़ा 2 लाख 45 हजार 844 था।.एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध, बच्चों के खिलाफ क्राइम और सीनियर सिटीजन के साथ हुई वारदातों में भी इजाफा हुआ है. मतलब साफ है कि दिल्ली बच्चों, महिलाओ और सीनियर सिटीजन के लिए सुरक्षित नहीं है.

साल 2021 में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के मामलों कि संख्या 13,982 दर्ज हुई. जबकि साल 2020 में ये संख्या महज 9,782 थी. इतना ही नहीं, साल 2021 में अपहरण के 5,475 मामले दर्ज हुए तो वहीं 2020 में ये आंकड़ा 4,011 था. वहीं सीनियर सिटीजन के खिलाफ अपराध का आंकड़ा 1,166 का था जो साल 2020 में 906 था. इतना ही नहीं, बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध के मामले 2020 में 5,256 से बढ़कर साल 2021 में 7,029 तक पहुंच गए हैं.

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